Thursday, June 23, 2011

आपको पाया, तो क्यूं? ♥

♥♥♥♥♥
सजदे किये हैं लाखों, लाखों दुआएं मांगी, पाया हैं मैंने फ़िर तुझे...
चाहत की तेरी मैंने, हक़ में हवाएं मांगी, पाया हैं मैंने फ़िर तुझे...
जिस पल ना चाहा तुझको, उस पल सज़ाएं मांगी, पाया हैं मैंने फ़िर तुझे...
उठ उठ के रातों को भी, तेरे वफ़ाएं मांगी, पाया हैं मैंने फ़िर तुझे...
ख़ुद को मिटाया मैंने, तेरी भलाएं मांगी, पाया हैं मैंने फ़िर तुझे...
चाहे तो चाहे मुझको, ऐसी अदाएं मांगी, पाया हैं मैंने फ़िर तुझे...
♥♥♥♥♥

1 comment:

INDRAJITH K.R said...

Awesome song!!